11/10/2026
राहुल गांधी सिर्फ़ एक नेता नहीं, बल्कि नफ़रत के दौर में मोहब्बत, अहंकार के दौर में विनम्रता और सत्ता की राजनीति के बीच जनता की आवाज़ बनने की कोशिश का नाम हैं। ❤️🇮🇳
विचारों से असहमति हो सकती है, लेकिन किसी इंसान की नीयत और संघर्ष को समझने के लिए दिल भी बड़ा होना चाहिए।
नफ़रत नहीं, मोहब्बत!
डर नहीं, हक़ की आवाज़!
विभाजन नहीं, संविधान! ❤️✊
राहुल गांधी — मोहब्बत की दुकान, सबको साथ लेकर चलने का पैग़ाम। 🇮🇳