04/09/2026
एक सदी का सफर थमा, एक युग का अंत हुआ…
अत्यंत दुःख एवं गहरी पीड़ा के साथ कहना पड़ रहा है कि आज हमारे बीच से एक ऐसी शख्सियत विदा हो गई, जिनका नाम ही अपने आप में एक पहचान था। गांव पतली के सरदार जोगेन्द्र सिंह जी जैलदार का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत गद्दरखेड़ा, गाँव पतली और आसपास के गांवों के सामाजिक जीवन की एक सदी पुरानी विरासत का थम जाना है। लगभग 100 वर्षों का जीवन जीने वाले सरदार जोगेन्द्र सिंह जी ने अपने जीवन में कई पीढ़ियों को बदलते हुए देखा और अपने क्षेत्र में एक ऐसा रुतबा, सम्मान और सामाजिक पहचान कायम की, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। गद्दरखेड़ा और पतली ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी उनका नाम सम्मान और विश्वास के साथ लिया जाता था। गांव के सामाजिक विषय हों, धार्मिक आयोजन हों, जनहित के मुद्दे हों या राजनीतिक एवं पंचायत से जुड़े विषय वे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखाई देते थे। उन्होंने अपने प्रभाव और अनुभव का उपयोग केवल अपने लिए नहीं, बल्कि गांव और गांववासियों के हित के लिए किया। उनके व्यक्तित्व का सबसे बड़ा पक्ष यही था कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों के बीच उनकी अपनी एक अलग पहचान और पहुंच थी। आज जब वे हमारे बीच नहीं हैं, तो निश्चित रूप से गद्दरखेड़ा और पतली दोनों गांवों ने अपना एक मजबूत स्तंभ खो दिया है। उनकी कमी केवल परिवार को ही नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों को महसूस होगी, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व, अनुभव, मार्गदर्शन और सामाजिक प्रभाव को करीब से देखा था। एक सदी पूरी करके विदा होना अपने आप में एक इतिहास है। सरदार जोगेन्द्र सिंह जी जैलदार ने 100 वर्षों का जीवन जिया, लेकिन उनके द्वारा बनाई गई पहचान और छोड़ी गई स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेंगी। परमपिता परमात्म दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवारजनों, रिश्तेदारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। भावपूर्ण श्रद्धांजलि, शत-शत नमन।
-मदन गद्दरखेड़ा