06/08/2026
आज दिनांक 06.08.2026 को श्री सावन कुमार, भा०प्र०से० जिला पदाधिकारी, सुपौल की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली- 2026 का उन्मुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया।
आज के उन्मुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला पदाधिकारी द्वारा सभी प्रतिभागी का मार्गदर्शन करते हुए बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए सभी पदाधिकारी, कर्मी एवं जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यों व दायित्वों का निर्वहन करते हुए इसे जन आन्दोलन बनाना है। जिससे सुपौल के गाँव और समाज के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ भविष्य का निर्माण होगा।
पंचायतों में निर्मित SBM-G परिसम्पत्तियों को क्रियाशील बनाये रखते हुए प्रतिदिन नियमित रूप से कचरा का उठाव हो और वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाय। इसे सख्ती से लागू करने हेतु सभी को निदेशित किया गया। साथ ही पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के 4-Way Segregation एवं Bulk Waste Generator को चिन्हित करते हुए संबंधितों को जागरूक करेंगे।
श्री इन्द्रवीर कुमार, बि०प्र०से०, उप विकास आयुक्त, सुपौल द्वारा सभी प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के बारे में विस्तृत रूप से इसके महत्व को बताया गया कि क्यों इसकी जरूरत अभी है और इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाना है। इसमें प्रत्येक स्तर से पंचायत, प्रखंड, जिला सभी के पदाधिकारी, कर्मी, जनप्रतिनिधि, व्यक्ति को इसके दायित्व के प्रति जागरूक करेंगे। 4-Way Segregation के तहत 4 प्रकार के डस्टबीन यथा नीला, हरा, लाल एवं काला के उपयोग के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। उक्त कार्यक्रम में राज्य स्तर से प्रशिक्षक राज्य प्रबंधक, खालिद आजम द्वारा ODF, ODF-S एवं SWM Rule-2026 के संबंध में PPT के माध्यम से विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
जिला पंचायतीराज पदाधिकारी श्री गयानंद यादव के द्वारा 16th Finance में स्वच्छता के अभिश्रवण के बारे में जानकारी दिया गया। जिला समन्वयक, सुपौल सुश्री सोनम कुमारी एवं जिला सलाहकार, IEC द्वारा भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 पर प्रतिभागियों का क्षमतावर्द्धन किया गया।
आज के कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागी यथा- जिला स्तरीय पदाधिकारी-सह-जिला जल एवं स्वच्छता समिति, सुपौल के सदस्य, वन प्रमंडल पदाधिकरी, वरीय उप समहर्त्ता, जिला परियोजना प्रबंधक (जीविका), प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायतीराज पदाधिकारी, प्रखंड परियोजना प्रबंधक (जीविका), प्रखंड समन्वयक, मुखिया, पंचायत सचिव एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक सम्मलित रहे।
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Rural Development Department, Government of Bihar