CPIML Liberation, Samstipur

CPIML Liberation, Samstipur Official page of Samstipur District Committee of Communist Party of India - Marxist Leninist - Libe
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अति-आवश्यक | बयानहमारे संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ समाचार पत्र और मीडिया पोर्टल भाकपा ( माले ) के महासचिव दीपांकर भट...
29/05/2026

अति-आवश्यक | बयान

हमारे संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ समाचार पत्र और मीडिया पोर्टल भाकपा ( माले ) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की तस्वीर का दुरुपयोग कर रहे हैं। वे उन्हें पश्चिम बंगाल के उसी नाम वाले एक टीएमसी नेता के रूप में दिखा रहे हैं, जिसके घर से कथित तौर पर बेहिसाब नकदी बरामद हुई है।

हम गलत सूचना फैलाने और जान-बूझकर बदनाम करने के इस शरारतपूर्ण कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं।

हम ऐसे सभी समाचार पत्रों और मीडिया पोर्टलों से आग्रह करते हैं कि वे अपनी इस गलती को तत्काल सुधारें और अपने पाठकों के लिए एक माफीनामा तथा स्पष्टीकरण जारी करें।

-- केंद्रीय कमेटी, भाकपा (माले) लिबरेशन द्वारा जारी

ऐतिहासिक  #नक्सलबाड़ी विद्रोह की 59वीं वर्षगांठ पर अमर शहीदों को लाल सलाम।
25/05/2026

ऐतिहासिक #नक्सलबाड़ी विद्रोह की 59वीं वर्षगांठ पर अमर शहीदों को लाल सलाम।

कॉकरोच – नौजवानों के गुस्से का महाविस्फोट, सोशल मीडिया के प्रतिरोध को जमीन पर उतारें : का. दीपंकर भट्टाचार्य@का. रामदेव ...
22/05/2026

कॉकरोच – नौजवानों के गुस्से का महाविस्फोट, सोशल मीडिया के प्रतिरोध को जमीन पर उतारें : का. दीपंकर भट्टाचार्य

@का. रामदेव वर्मा के स्मृति दिवस पर कर्पूरी सभागार में “बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र की आवाज” विषय पर सेमिनार आयोजित

समस्तीपुर, 22 मई 2026

भाकपा (माले) द्वारा समस्तीपुर के कर्पूरी सभागार में “बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र की आवाज” विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, नौजवान, छात्र, महिलाएं और लोकतंत्रपसंद नागरिक शामिल हुए।

सेमिनार को संबोधित करते हुए माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज देश में बुलडोजर केवल एक मशीन नहीं, बल्कि भाजपा शासन की राजनीतिक पहचान और दमन का प्रतीक बन चुका है।

उन्होंने वरिष्ठ वाम नेता का. रामदेव वर्मा को याद करते हुए कहा कि वे बीच के पांच वर्षों को छोड़कर 1980 से 2010 तक विधायक रहे और हर दौर में गरीबों, दलितों, वंचितों और मेहनतकश जनता की आवाज बनकर संघर्ष करते रहे। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े राजनीतिक बदलावों के बावजूद रामदेव वर्मा ने कभी जनता का साथ नहीं छोड़ा और आज उनके संघर्षों की विरासत बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र की लड़ाई को दिशा दे रही है।

का. दीपंकर ने कहा कि पहले सरकारों को – लाठी-गोली और दमन की सरकार – कहा जाता था, लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद “बुलडोजर राज” नया राजनीतिक शब्द बन गया। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री को –बुलडोजर बाबा– कहा गया और आज जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां बुलडोजर शासन का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि बिहार के बाद बंगाल के चुनाव परिणामों ने भी लोगों को चौंकाया है और अब वहां भी बुलडोजर संस्कृति लागू की जा रही है।

उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले बंगाल में झालमुड़ी की चर्चा हो रही थी, लेकिन अब रेलवे स्टेशन के पास छोटे-छोटे झालमुड़ी और चाय दुकानदारों को उजाड़ने की खबरें चर्चा में हैं। इसका मतलब साफ है कि छोटे दुकानदारों और गरीब मेहनतकशों की रोजी-रोटी खत्म कर बड़ी कंपनियों के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमला केवल दुकानों पर नहीं, बल्कि गरीबों की जिंदगी और आत्मनिर्भरता पर हमला है। बंगाल में बकरीद में बीफ़ के छोटे व्यापारियों पर पाबंदी और लाइसेंस के नाम पर नियंत्रण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह नीति छोटे दुकानदारों को खत्म कर कॉरपोरेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने की साजिश है।

माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि पहले कहा गया कि बुलडोजर अपराधियों और माफियाओं पर चलेगा, लेकिन अब बिना न्यायिक प्रक्रिया के किसी को भी अपराधी घोषित कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह तय करने का अधिकार अदालतों और न्याय व्यवस्था का था, लेकिन अब सत्ता अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए बुलडोजर और एनकाउंटर की राजनीति चला रही है। उन्होंने कहा कि किसी को बांग्लादेशी, अतिक्रमणकारी या देशविरोधी कहकर गरीबों, आदिवासियों, मुसलमानों, किसानों और विरोध की आवाजों को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव के पहले गरीबों को दस हजार रुपये देने की बातें होती हैं और चुनाव के बाद उन्हीं गरीबों पर बुलडोजर चला दिया जाता है।

का. दीपंकर ने कहा कि आज देश में सबसे बड़ा सवाल शिक्षा और रोजगार का है। नीट परीक्षा में धांधली का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 22 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। पिछले दस वर्षों से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और एनटीए जैसी संस्थाओं पर किसी लोकतांत्रिक जवाबदेही का नियंत्रण नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली को संघ परिवार के प्रभाव में चलाया जा रहा है।

उन्होंने बिहार में TRE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन पर लाठीचार्ज की आलोचना करते हुए कहा कि पटना में लड़कियों तक को नहीं बख्शा गया और शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि छात्राओं को सड़क पर आने की जरूरत क्या थी। उन्होंने कहा कि आज नौजवानों की आवाज को दबाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

अपने संबोधन में उन्होंने हाल के सोशल मीडिया प्रतिरोध का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश के प्रधान न्यायाधीश ने सोशल मीडिया एक्टिविस्टों और आरटीआई कार्यकर्ताओं को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहा, तब देश की नई पीढ़ी ने उसी शब्द को प्रतिरोध का प्रतीक बना दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर “भाजपा के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी” के नाम से उभरा प्रतिरोध इस बात का संकेत है कि देश का नौजवान अब भाजपा के खिलाफ खुलकर खड़ा हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो नौजवान कभी “मोदी-मोदी” के नारे लगाते थे, वही आज बेरोजगारी, महंगाई और असुरक्षा के खिलाफ प्रतिरोध की आवाज बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज डिग्रियां मिल रही हैं लेकिन स्थायी रोजगार खत्म हो रहे हैं। बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबों के सवाल राष्ट्रीय बहस से गायब हैं। उन्होंने कहा कि कभी पेट्रोल 40 रुपये होने के वादे किए जाते थे, लेकिन आज उसकी कीमत आसमान छू रही है, रुपया लगातार गिर रहा है और रसोई गैस गरीबों की पहुंच से बाहर हो गई है। मजदूरी और अधिकार की मांग करने वालों को जेल में डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि “कॉकरोच” दरअसल देश के नौजवानों के विरोध का विस्फोट है। अभी यह प्रतिरोध डिजिटल रूप में दिख रहा है, लेकिन आने वाले समय में यह सड़कों पर भी दिखाई देगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि सोशल मीडिया की इस आवाज को जमीन के आंदोलनों से जोड़ा जाए और शिक्षा मंत्री तथा केंद्र सरकार से जवाब मांगा जाए।

उन्होंने भाजपा पर बलात्कारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि नीट छात्रा को अब तक न्याय नहीं मिला। लेबर कोड, अंबानी-अडानी केंद्रित नीतियों और टाउनशिप परियोजनाओं के जरिए गरीबों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है। बिना उचित मुआवजे के जमीन अधिग्रहण की कोशिशें तेज हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इन सबके खिलाफ जनता की व्यापक आवाज को संगठित करना होगा।

उन्होंने मनरेगा कानून को खत्म करने और कैंपस में जाति भेदभाव को खत्म करने के लिए रोहित एक्ट की तर्ज पर कानून बनाने की मांग की.

सेमिनार को संबोधित करते हुए विधान परिषद सदस्य शशि यादव ने कहा कि रामदेव वर्मा आजीवन कम्युनिस्ट बने रहे और हम सब संकल्प लेते हैं कि उनके बताए रास्ते पर आगे बढ़ते हुए संघर्ष की विरासत को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा बिहार में बुलडोजर राज लागू करना चाहती है, लेकिन जनता इसे सफल नहीं होने देगी। उन्होंने महिला आरक्षण को अविलंब लागू करने की मांग की तथा परिसीमन और महिलाओं-छात्राओं पर बढ़ती हिंसा की आलोचना की।

पूर्व विधायक और केंद्रीय कमिटी सदस्य मंजू प्रकाश ने कहा कि नई पीढ़ी को रामदेव वर्मा के संघर्षों से सीखने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि समस्तीपुर के सुन्दराइया नगर, जिसे गरीबों को बसाने के लिए तैयार किया गया था, उसे बुलडोजर से उजाड़ दिया गया। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी इस बस्ती को फिर से बसाने की लड़ाई लड़ेगी।

मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि जयमंगला गढ़ से लेकर उजियारपुर और मुसरीघरारी तक पार्टी कार्यकर्ताओं ने मॉब लिंचिंग, हत्या और अन्याय के खिलाफ लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि रामदेव वर्मा की विरासत जनता के प्रतिरोध और सांप्रदायिकता विरोधी संघर्ष की विरासत है। उन्होंने समाजवादियों और कम्युनिस्टों की व्यापक एकता बनाने का आह्वान किया।

इसके पहले समस्तीपुर जिले के पतेलिया गांव में का. रामदेव वर्मा की प्रतिमा पर माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य, का. मंजू प्रकाश, का. धीरेंद्र झा, का. शशि यादव, का. संतोष सहर, कुमार परवेज सहित अन्य नेताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी अवसर पर विधान परिषद सदस्य शशि यादव के विधान परिषद मद से बनने वाले “का. रामदेव वर्मा स्मृति द्वार” का शिलान्यास भी किया गया।

समस्तीपुर शहर में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, भीमराव आंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण किया गया।

कार्यक्रम में प्रो. सुरेंद्र सुमन, वंदना सिंह, डॉ. प्रभात कुमार, रंजीत राम, फूल बाबू सिंह, ललन कुमार, जीबछ पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अजय कुमार, अमित कुमार, दिनेश कुमार, महावीर पोद्दार, जयंत कुमार, सुनील कुमार, रौशन कुमार सहित लोकेश राज, दीपक यदुवंशी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने किया।

*माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य 22 मई को समस्तीपुर शहर के कर्पूरी सभागार में सेमिनार को करेंगे संबोधित-सुरेंद्र**"बुलडोज...
21/05/2026

*माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य 22 मई को समस्तीपुर शहर के कर्पूरी सभागार में सेमिनार को करेंगे संबोधित-सुरेंद्र*

*"बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र की आवाज" विषयक सेमिनार में भागीदारी को ले चलाया जनसंपर्क अभियान*

ताजपुर/समस्तीपुर
21 मई 2026

समस्तीपुर शहर के कर्पूरी सभागार में 22 मई को 11.30 बजे से भाकपा माले द्वारा आयोजित “बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र की आवाज” सेमिनार को बड़ी भागीदारी से सफल बनाने को लेकर बृहस्पतिवार को बाजार क्षेत्र में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया गया।
अभियान का नेतृत्व प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने करते हुए कहा कि सेमिनार के मुख्य वक्ता भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव का० दीपंकर भट्टाचार्य हैं। अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने जुलूस की शक्ल में घूम धूमकर 22 मई को आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों से भाग लेने की अपील की।
अभियान के दौरान प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि देश में बढ़ते दमन, लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले और गरीबों-मजदूरों की समस्याओं के खिलाफ जनता को संगठित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाकपा माले हमेशा जनहित के सवालों पर संघर्ष करती रही है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
मौके पर प्रभात रंजन गुप्ता, आसिफ होदा, मो० एजाज, मनोज साह, लखींद्र पासवान, मो० इस्लाम, राजकिशोर महतो सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

*मजदूर हड़ताल के समर्थन में खेग्रामस ने निकाला जुलूस, सभा कर उठाई विभिन्न मांगें**दैनिक मजदूरी 7 सौ रूपए करें सरकार- प्र...
20/05/2026

*मजदूर हड़ताल के समर्थन में खेग्रामस ने निकाला जुलूस, सभा कर उठाई विभिन्न मांगें*

*दैनिक मजदूरी 7 सौ रूपए करें सरकार- प्रभात रंजन गुप्ता*

*मनरेगा को पुनर्बहाल कर मजदूरों को 2 सौ दिन काम मिले-सुरेंद्र प्रसाद सिंह*

*मजदूर विरोधी एवं "गुलामी का दस्तावेज" 4 लेबर कोड वापस ले सरकार-आसिफ होदा*

*देशभर में आंदोलनरत मजदूरों पर दर्ज मुकदमा वापस लें एवं जेल में बंद मजदूर नेता को रिहा करे सरकार- मो० एजाज*

ताजपुर/समस्तीपुर
20 मई 2026

देशव्यापी मजदूर हड़ताल के समर्थन में प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के मजदूरों ने अपने-अपने काम छोड़कर बाजार क्षेत्र के जनता मैदान में इकट्ठा होकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले बुधवार को जनता मैदान से विशाल जुलूस निकालकर सभा का आयोजन किया।
जुलूस नारे लगाकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः कर्बला पोखर चौक पर पहुंचकर जुलूस नारेबाजी के बाद सभा में तब्दील हो गया जहां मजदूरों एवं किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के कारण मेहनतकश जनता का जीवन लगातार संकट में पड़ता जा रहा है। मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है और मजदूरों के अधिकारों पर हमला किया जा रहा है।
भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य आसिफ होदा ने मनरेगा को पुनर्बहाल करने, मजदूर विरोधी एवं “गुलामी का दस्तावेज” बताए जा रहे चार लेबर कोड को वापस लेने, मजदूरों को 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने, 2 दिन काम देने एवं देशभर में आंदोलनरत मजदूरों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा जेल में बंद मजदूर नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग उठाई।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में खेग्रामस प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता ने बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, खाद्य सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं की कीमत कम करने तथा गरीबों को राहत देने की भी मांग की गई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, किसान, भाकपा माले एवं खेग्रामस कार्यकर्ता शामिल रहे। सभा का संचालनकर्ता मो० एजाज ने कहा कि मजदूरों-किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। मौके पर लखींद्र पासवान, मो० इस्लाम, राजकिशोर महतो, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।

16/05/2026
16/05/2026
फणीश्वरनाथ रेणु और बाबा नागार्जुन की धरती से आयोजित यह सम्मेलन लोकतंत्र, न्याय और सामाजिक बदलाव की लड़ाई को आगे बढ़ाने का ...
13/05/2026

फणीश्वरनाथ रेणु और बाबा नागार्जुन की धरती से आयोजित यह सम्मेलन लोकतंत्र, न्याय और सामाजिक बदलाव की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प है. सम्मेलन के खुले सत्र को का. दीपंकर भट्टाचार्य, तेजस्वी प्रसाद यादव तथा इंडिया गठबंधन के अन्य नेता संबोधित करेंगे.

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