18/01/2026
*चौधरी इमरान हसन प्रधान*
`सादगी` `सेवा` `ऊँची सोच` `और सियासत का बेदाग सफर`
_राजीनीति मे कुछ नाम ऐसे होते हैं जो पद से नहीं बल्कि अपने आचरण से पहचाने जाते हैं_, _पलठेड़ी से पूर्व प्रधान `चौधरी इमरान हसन` का शुमार भी उन्ही शख्सियतों मे होता है_
_एक ऐसा व्यक्ति जिसने जब अकेला चलने कि ठानी तो उसके साथ कारवाँ अपने आप जुड़ता चला गया_
_उनकी राजनीती का आधार कभी शोर शराबा नहीं रहा बल्कि सेवा, सादगी, और संवाद रहा.._
_एक साधारण से इंसान ने जब कुछ करने कि ठानी तो जिला मुज़फ्फरनगर के थानाभवन ब्लॉक की_ _`ग्राम पंचायत पलठेड़ी` की पंचायत का अध्यक्षता तक पहुँचने का उनका सफर किसी प्रेरक कहानी से कम नहीं,_
_पलठेड़ी की पंचायत का अध्यक्ष चने जाने के बाद उन्होंने पलठेड़ी की जनता की निःस्वार्थ सेवा की_,
_प्रधानी का पद उनके लिए शक्ति नहीं बल्कि एक ज़िम्मेदारी था | यही कारण है की ताकत मे तहते हुए भी उन्होने आम आदमी से दुरी नहीं बनाई,_
_`चौधरी इमरान हसन` की सबसे बड़ी पहचान उनकी सादगी है,_
_प्रधान रहते हुए भी और प्रधानी ना रहते हुए भी उनका रहण सहन और पहनावा और लोगो से मिलने का मिज़ाज एक जैसा रहा |_
_आज भी उनका आवास पलठेड़ी मे ऊन थानाभवन रोड़ पर आम लोगो के लिए खुला रहता है \_
_साधारण वेशभूषा मे लोगो के बीच बैठना देर रात तक लोगो की समस्याएं सुनना, और पुरे गाँव मे पैदल गश्त करते हुए अपने ग्राम वासियों से संवाद करना यह सब उनके सवभाव का हिस्सा है दिखावा नहीं | इनका मिज़ाज जितना शांत है उतना मज़बूत भी | नरम सवभाव लेकिन निर्णयों मे स्पष्टता_, _विरोधियो का भी सम्मान करना और विरोध मे भी मर्यादा बनाये रखना इनकी राजनीतीक संस्कृति को दर्शाता है |_
_शायद यही वजह है की जब प्रधान जी निकलते हैं तो उनके पीछे भीड़ नहीं भरोसे के काफिले होते हैं, उनकी बातों मे दहाड़ नहीं असर होता है, भले ही वो फिलहाल गाँव कइ पंचायत के प्रधान ना हों_ _लेकिन जनता से उनका रिश्ता चुनावी गणित का मोहताज नहीं रहा, प्रधान ना होने के बावजूद आज भी वो इतने ही सक्रिय हैं जितने प्रधान रहते हुए थे_,
_पलठेड़ी की जनता की दुआ आज भी उनके नाम से ही करती है, कियोंकि लोगो को भरोसा है की यहाँ सुना भी जायेगा और हल भी निकलेगा,_
_इतनी जल्दी इतना बड़ा मक़ाम होने के बावजूद भी उनके दिल मे गरीबो का दर्द आज भी खूब भरा है |_
_आम आदमी की समस्या सुनना और समाधान निकालना इनकी दिनचर्या का हिस्सा है,_ _यही कारण है की प्रशासनिक अधिकारी भीइनकी बातों को गंभीरता से लेते हैं, कियोंकि ये कभी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं जनहित के लिए बात रखते हैं,_
_इनके राजनितिक सफर को अब इनके छोटे बेटे *सलमान चौधरी* भी अब सक्रिय भूमिका निभा रहें हैं,_ _शिक्षित, युवा, और आधुनिक सोच के साथ *सलमान भाई* जब लोगो की जन समस्याएं सुनते हैं_ _और अधिकारियो तक पहुँचते हैं तो समाधान की रह आसान हों जाती है,_ _यह पीढ़ियों के बीच ज़िम्मेदारी का सुन्दर हस्ताँतरण है, जहाँ अनुभव और ऊर्जा एक साथ चल रहें हैं,_
_`इमरान प्रधान जी` भले ही आज प्रधान ना हों लेकिन विपक्ष मे भी उनका नाम उनके सवभाव की वजह से सम्मान से लिए जाता है जो उनके क़द को और चार चाँद लगाता है,_
_सबसे बड़ी बात यह है की पलठेड़ी की राजनीती मे इतने लम्बे सफर के बावजूद उनके दामन पर कोई दाग़ नहीं लगा पाया,_
_इनके विरोधी भी इस बात को मानते हैं की प्रधान जक पर आज तक कोई भी भ्रष्टाचार या स्वार्थ का आरोप तक नहीं लग पाया,_
_अपने प्रधानी के कार्यकाल मे इन्होने गाँव के गरीबो को रिकॉर्ड सबसे ज़्यादा पक्के मकान छत ऊन थानाभवन रोड़ पर कक्षा 8 वीं तक का स्कूल ग्राम वासियों को देने का कार्य किया जो आज तक पलठेड़ी गाँव मे किसी ने नहीं किया यही वजह है गरीबो की दुआ और आशीर्वाद हमेशा प्रधान जी के साथ रहता है,_
_यही वजह है की वे सिर्फ एक पूर्व प्रधान ही नहीं बल्कि पलठेड़ी की गरीब जनता के लिए एक भरोसे का नाम है जहाँ पद मायने नहीं रखता किरदार बोलता है |_