04/06/2026
बल्देवगढ़ तहसील क्षेत्र के समस्त प्रकरणों का निराकरण बल्देवगढ़ तहसील में ही हो, आवेदक को जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता न पड़े
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फॉर्मर रजिस्ट्री, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के प्रकरणों को तेजी से निराकृत करने के दिए निर्देश
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कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने बल्देवगढ़ तहसील में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की
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कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने आज बल्देवगढ़ में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की। राजस्व विभाग के द्वारा किए जा रहे सभी कार्यों, योजनाओं एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी बल्देवगढ़ श्रीमती भारती देवी मिश्रा, तहसीलदार बल्देवगढ़ डॉ. अनिल गुप्ता,नायब तहसीलदार, रीडर एवं समस्त राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने राज्य शासन की प्राथमिकता अनुसार अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लंबित प्रकरणों की जानकारी ली एवं किन कारणों से प्रकरण लंबित है इसकी समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पूर्व में अभियान चलाकर भी राजस्व विभाग के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत किया गया है, साथ ही अभी भी प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रतिमाह राजस्व विभाग के जितने प्रकरण दर्ज होते हैं, उससे अधिक निराकृत होते जाएं।
पूर्व में लगाए गए शिविर में रिकॉर्ड सुधार के अधिक से अधिक प्रकरण निराकृत किए गए थे परंतु कुछ प्रकरण ऐसे थे जिनपर बाद में कार्यवाही कर निराकरण किया जाना था सम्बंधित रीडर को बुलाकर ऐसे प्रकरणों की जानकारी ली एवं एसडीएम और तहसीलदार को एक माह में ही प्रकरण निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बल्देवगढ़ तहसील में फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की एवं तहसीलदार को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति बढ़ाएं उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद प्रगति की समीक्षा की जाएगी, उन्होंने बताया कि फॉर्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए आधारभूत है, भविष्य में इसकी उपयोगिता और अधिक प्रासंगिक होगी किसानों को खाद वितरण में एवं योजनाओं का लाभ लेने मे फॉर्मर रजिस्ट्री उपयोगी रहेगी।
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने बल्देवगढ़ एसडीएम एवं तहसीलदार को निर्देश दिए कि 5 एकड़ से कम भूमि वाले छोटे किसानों को प्राथमिकता में रखते हुए उनके काम तत्परता से करें एवं उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पूरे प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बल्देवगढ़ तहसील क्षेत्र के सभी प्रकरणों का निराकरण तहसील मुख्यालय पर ही करना सुनिश्चित करें ताकि किसी भी आवेदक को जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाना पड़े।