04/09/2025
कोई कुछ भी बोले मगर पंजाब में सब अपना फ़र्ज़ निभा रहे हैं,
कहीं इंसान जानवरों को तो कहीं जानवर इंसान को बचा रहे हैं।
हे प्रकृति! तुझे क्या हो गया..बेजुबान भैंसे गायें बहाकर ले जा रही हो,
जो दूसरों को उगाकर अन्न देता है तुम उसे अनाज के लिए तरसा रही हो।
किसानों को अपना रौद्र रूप क्यों दिखा रही हो…संकट में साथ निभाने वाले हरेक प्राणी को नमन…फ़रिश्ते बनकर बहती धार में प्राण बचाने वालों के हौंसलों को देखकर प्रकृति भी नम होगी और सब कुछ सही होगा।
#पंजाबियत #बाढ़