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 #ये_थाइलैंड_और_बाली_के_नजारे_नहीं_हैं ये अपने  #भारत  के नजारे हैं,जो कि अभी भी एक छिपी हुई डेस्टिनेशन है ये अपने भारत ...
04/11/2024

#ये_थाइलैंड_और_बाली_के_नजारे_नहीं_हैं ये अपने #भारत के नजारे हैं,जो कि अभी भी एक छिपी हुई डेस्टिनेशन है ये अपने भारत का एक सुरंगनुमा झरना है जो कि #उड़ीसा राज्य के #बरगढ़ जिले का सबसे बेहतरीन ऐतिहासिक झरना है जो की रानी चुआन झरना कहलाता है इसकी अदभूत खूबसूरती अभी भी लोगों से छिपी हुई है, इसकी अगली यात्रा आपके लिए हॉटस्पॉट हो सकती है, यहां जाने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन #उड़ीसा का #बरगढ़_रोड रेलवे स्टेशन है जो की 52 km है और नजदीकी एयरपोर्ट #झारसुगुड़ा है जो कि देश के कई शहरों से हवाई कनेक्टिविटी से जुड़ा हुआ है, और ये अदभुत जगह debrigadh wildlife sanctuary area में आता है और यहां और भी काफी सारे वॉटरफॉल हैं,यहां जाने के लिए बरगढ़ से कोई डायरेक्ट साधन नहीं है,या तो आप कोई टैक्सी करके जा सकते हैं या तो फिर बाइक द्वारा जा सकते हैं ,यहां जाने का रास्ता किसी एडवेंचर से कम नहीं हैं, थोड़ा बहुत ट्रैकिंग भी करनी पड़ती है,यहां की वाइल्डलाइफ सेंचुरी भी आप जा सकते हैं

यह झरना बरगढ़ से ठीक 28 किलोमीटर दूर है और नलिकुआ गाँव भटली से 6 किलोमीटर दूर है ये जो झरने का पानी बहता है बड़े बड़े पत्थरों के बीच से बहता है जो की सुरंग नुमा लगता है ,तो फिर निकल जाए नई डेस्टिनेशन के लिए,ये जगह सिर्फ उनको पसंद आयेगी जिनको नई जगह घूमने का शौक है और ज्यादा भीड़भाड़ नहीं पसंद है और जो घुमक्कड़ी करने वाले दोस्त अचानक निकल पड़ते हैं,उनके लिए अच्छी लोकेशन है,

रानी चुआन के बारे में कई लोक-कथाएँ हैं। ऐसा कहा जाता है कि पानी का स्रोत पालकोट तालाब से आंतरिक रूप से जुड़ा हुआ था। लोगों का कहना है कि प्राचीन समय में पालकोट राजा के परिवार द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले फूल और उबटन रानी चुआन के जंगल से आते थे।,किसी मित्र को और जानकारी हो तो साझा कर सकता है

यह मानना आसान है कि यह जगह किसी समय रानी के लिए उपयुक्त थी रानी लोग वहां स्नान करने आती होंगी तो इस वॉटर फॉल में रानी नाम जुड़ गया, क्योंकि इस जगह में अभी भी कुछ रहस्यमय आकर्षण हैं। यहाँ का पानी सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडा रहता है। यहाँ हज़ारों लोग रोज़ाना नहाते हैं। नियमित रूप से इस्तेमाल किए जाने के बावजूद यह हमेशा ताज़ा रहता है। कुछ प्राचीन वृक्ष आज भी खड़े हैं।और आसपास का हरियाली वाला नजारा बहुत सुकून देता है, जानकारी अच्छी लगी हो तो ज्यादा से ज्यादा शेयर भी करिए ताकि लोगों को पता चल सके कि अपने भारत में भी इस तरह की जगहें हैं ।

*26 और 27 अप्रैल को मनाई जा रही है* *गंगा जयंती हिन्दुओं का एक प्रमुख पर्व है | वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी क...
26/04/2023

*26 और 27 अप्रैल को मनाई जा रही है*
*गंगा जयंती हिन्दुओं का एक प्रमुख पर्व है | वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई इस कारण इस पवित्र तिथि को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है |*
*गंगा जयंती के शुभ अवसर पर गंगा जी में स्नान करने से सात्त्विकता और पुण्यलाभ प्राप्त होता है | वैशाख शुक्ल सप्तमी का दिन संपूर्ण भारत में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जाता है यह तिथि पवित्र नदी गंगा के पृथ्वी पर आने का पर्व है गंगा जयंती | स्कन्दपुराण, वाल्मीकि रामायण आदि ग्रंथों में गंगा जन्म की कथा वर्णित है |*
*भारत की अनेक धार्मिक अवधारणाओं में गंगा नदी को देवी के रूप में दर्शाया गया है | अनेक पवित्र तीर्थस्थल गंगा नदी के किनारे पर बसे हुये हैं | गंगा नदी को भारत की पवित्र नदियों में सबसे पवित्र नदी के रूप में पूजा जाता है | मान्यता है कि गंगा में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है | लोग गंगा के किनारे ही प्राण विसर्जन या अंतिम संस्कार की इच्छा रखते हैं तथा मृत्यु पश्चात गंगा में अपनी राख विसर्जित करना मोक्ष प्राप्ति के लिये आवश्यक समझते हैं | लोग गंगा घाटों पर पूजा अर्चना करते हैं और ध्यान लगाते हैं |*
*गंगाजल को पवित्र समझा जाता है तथा समस्त संस्कारों में उसका होना आवश्यक माना गया है | गंगाजल को अमृत समान माना गया है | अनेक पर्वों और उत्सवों का गंगा से सीधा संबंध है मकर संक्राति, कुंभ और गंगा दशहरा के समय गंगा में स्नान, दान एवं दर्शन करना महत्त्वपूर्ण समझा माना गया है | गंगा पर अनेक प्रसिद्ध मेलों का आयोजन किया जाता है | गंगा तीर्थ स्थल सम्पूर्ण भारत में सांस्कृतिक एकता स्थापित करता है गंगा जी के अनेक भक्ति ग्रंथ लिखे गए हैं जिनमें श्रीगंगासहस्रनामस्तोत्रम एवं गंगा आरती बहुत लोकप्रिय हैं |*
🌷 *गंगा जन्म कथा* 🌷
*गंगा नदी हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और अनेक धर्म ग्रंथों में गंगा के महत्व का वर्णन प्राप्त होता है | गंगा नदी के साथ अनेक पौराणिक कथाएँ जुड़ी हुई हैं जो गंगा जी के संपूर्ण अर्थ को परिभाषित करने में सहायक है | इसमें एक कथा अनुसार गंगा का जन्म भगवान विष्णु के पैर के पसीनों की बूँदों से हुआ गंगा के जन्म की कथाओं में अतिरिक्त अन्य कथाएँ भी हैं | जिसके अनुसार गंगा का जन्म ब्रह्मदेव के कमंडल से हुआ |*
*एक मान्यता है कि वामन रूप में राक्षस बलि से संसार को मुक्त कराने के बाद ब्रह्मदेव ने भगवान विष्णु के चरण धोए और इस जल को अपने कमंडल में भर लिया और एक अन्य कथा अनुसार जब भगवान शिव ने नारद मुनि, ब्रह्मदेव तथा भगवान विष्णु के समक्ष गाना गाया तो इस संगीत के प्रभाव से भगवान विष्णु का पसीना बहकर निकलने लगा जिसे ब्रह्मा जी ने उसे अपने कमंडल में भर लिया और इसी कमंडल के जल से गंगा का जन्म हुआ था*
🌷 *गंगा जयंती महत्व* 🌷
*शास्त्रों के अनुसार बैशाख मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही गंगा स्वर्ग लोक से शिव शंकर की जटाओं में पहुंची थी इसलिए इस दिन को गंगा जयंती और गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है | जिस दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई वह दिन गंगा जयंती (वैशाख शुक्ल सप्तमी) और जिस दिन गंगाजी पृथ्वी पर अवतरित हुई वह दिन ‘गंगा दशहरा’ (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) के नाम से जाना जाता है इस दिन मां गंगा का पूजन किया जाता है | गंगा जयंती के दिन गंगा पूजन एवं स्नान से रिद्धि-सिद्धि, यश-सम्मान की प्राप्ति होती है तथा समस्त पापों का क्षय होता है| मान्यता है कि इस दिन गंगा पूजन से मांगलिक दोष से ग्रसित जातकों को विशेष लाभ प्राप्त होता है| विधिविधान से गंगा पूजन करना अमोघ फलदायक होता है | *पुराणों के अनुसार गंगा विष्णु के अँगूठे से निकली हैं, जिसका पृथ्वी पर अवतरण भगीरथ के प्रयास से कपिल मुनि के शाप द्वारा भस्मीकृत हुए राजा सगर के 60,000 पुत्रों की अस्थियों का उद्धार करने के लिए हुआ था तब उनके उद्धार के लिए राजा सगर के वंशज भगीरथ ने घोर तपस्या कर माता गंगा को प्रसन्न किया और धरती पर लेकर आए । गंगा के स्पर्श से ही सगर के 60 हजार पुत्रों का उद्धार संभव हो सका इसी कारण गंगा का दूसरा नाम भागीरथी पड़ा |*

 #विशेष ::-  #वैदिक_घड़ी 🧭⏱️देखिये, जानिए और समझिए कि भारत के सभी वस्तुओं को कैसे-कैसे नष्ट किया गया, पूरा अवश्य पढ़ें......
27/03/2023

#विशेष ::- #वैदिक_घड़ी 🧭⏱️

देखिये, जानिए और समझिए कि भारत के सभी वस्तुओं को कैसे-कैसे नष्ट किया गया, पूरा अवश्य पढ़ें......

◆ 12:00 बजने के स्थान पर आदित्या: लिखा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि सूर्य 12 प्रकार के होते हैं.

अंशुमान,अर्यमन, इंद्र, त्वष्टा, धातु, पर्जन्य, पूषा, भग, मित्र, वरुण, विवस्वान और विष्णु।

◆ 1:00 बजने के स्थान पर ब्रह्म लिखा हुआ है, इसका अर्थ यह है कि ब्रह्म एक ही प्रकार का होता है।

एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति

◆ 2:00 बजने की स्थान पर अश्विनौ लिखा हुआ है जिसका तात्पर्य यह है कि अश्विनी कुमार दो हैं।

◆ 3:00 बजने के स्थान पर त्रिगुणा: लिखा हुआ है, जिसका तात्पर्य यह है कि गुण तीन प्रकार के हैं।

सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण।

◆ 4:00 बजने के स्थान पर चतुर्वेदा: लिखा हुआ है, जिसका तात्पर्य यह है कि वेद चार प्रकार के होते हैं।

ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद।

◆ 5:00 बजने के स्थान पर पंचप्राणा: लिखा हुआ है, जिसका तात्पर्य है कि प्राण पांच प्रकार के होते हैं। अपान, समान, प्राण, उदान और व्यान।

◆ 6:00 बजने के स्थान पर षड्र्सा: लिखा हुआ है, इसका तात्पर्य है कि रस 6 प्रकार के होते हैं।

मधुर, अमल, लवण, कटु, तिक्त और कसाय।

◆ 7:00 बजे के स्थान पर सप्तर्षय: लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि सप्त ऋषि 7 हुए हैं।

कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ।

◆ 8:00 बजने के स्थान पर अष्ट सिद्धिय: लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि सिद्धियां आठ प्रकार की होती है।

अणिमा, महिमा, लघिमा, गरिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, इशित्व और वशित्व।

◆ 9:00 बजने के स्थान पर नव द्रव्यणि अभियान लिखा हुआ है इसका तात्पर्य है कि 9 प्रकार की निधियां होती हैं।

पद्म, महापद्म, नील, शंख, मुकुंद, नंद, मकर, कच्छप, खर्व।

◆ 10:00 बजने के स्थान पर दशदिशः लिखा हुआ है, इसका तात्पर्य है कि दिशाएं 10 होती है।

पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, ईशान, नैऋत्य, वायव्य, आग्नेय, आकाश, पाताल।

◆ 11:00 बजने के स्थान पर रुद्रा: लिखा हुआ है, इसका तात्पर्य है कि रुद्र 11 प्रकार के हुए हैं।

कपाली, पिंगल, भीम, विरुपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, अहिर्बुध्न्य, शम्भु, चण्ड और भव ।

सनातन धर्म में प्रत्येक वस्तु कुछ न कुछ अवश्य सिखाती है। 🙏🏻🚩

सीएम-पीएम का फंसा है फेर,कानून व्यवस्था हो रहा है ढेर।
21/03/2023

सीएम-पीएम का फंसा है फेर,
कानून व्यवस्था हो रहा है ढेर।

21/03/2023

लालू यादव - 17 साल में फैसला 3 माह में जमानत, जयललिता 18 साल में फैसला 13 दिन में जमानत, सलमान खान 15 साल में फैसला 3 घंटे में रिहा ....मनीष कश्यप 2 दिन में FIR, 7 दिन में अकाउंट सीज 9 दिन में कुर्की बहुत महान है भारत का लोकतंत्र !!

भारतीय नव वर्ष में मात्र पाच दिन शेष है लेकिन कहीं कोई अग्रिम शुभकामनाओं का संदेश नहीं दिख रहा ।अंग्रेजों के नववर्ष पर ल...
16/03/2023

भारतीय नव वर्ष में मात्र पाच दिन शेष है लेकिन कहीं कोई अग्रिम शुभकामनाओं का संदेश नहीं दिख रहा ।
अंग्रेजों के नववर्ष पर लोग 2 महीने पहले से अलर्ट हो जाते है। आप सभी को नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत्सर 2080 बुधवार 22 मार्च 2023 की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

जय श्री राम 🙏🚩

चीते की प्रतियोगिता कुत्तों से हो रही थी, लोग तुलना करना चाहते थे कि कौन तेज है?सभी हैरान थे कि चीता अपनी जगह से बाहर नह...
26/02/2023

चीते की प्रतियोगिता कुत्तों से हो रही थी, लोग तुलना करना चाहते थे कि कौन तेज है?
सभी हैरान थे कि चीता अपनी जगह से बाहर नहीं आया,
लोगों ने रेस संयोजक से पूछा कि आखिर हुआ क्या?
रेस संयोजक ने प्रतिक्रया दी, कृप्या इस तस्वीर पर गौर करें।
कभी-कभी यह साबित करने कि कोशिश करना कि आप सबसे अच्छे हैं "एक अपमान है"। हमें दूसरों के स्तर तक नीचे जाने की जरूरत नहीं है, किसी को समझाने की आवश्यकता नहीं कि हम बेहतर हैं।
गहन विचार करें, अपनी ऊर्जा को सकारात्मक प्रयासों में लगायें, वो करें जो आपके मनोनुकुल हो।
चीता अपनी गति का उपयोग शिकार करने के लिए करता है ना कि कुत्तों को यह साबित करने के लिए कि वह तेज और मजबूत है, अपना मूल्य साबित करने के लिए अपना समय और ऊर्जा बर्बाद ना करें.!! ❤️

02/02/2023

जब एक शख्स लगभग पैंतालीस वर्ष के थे तब उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। लोगों ने दूसरी शादी की सलाह दी परन्तु उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि पुत्र के रूप में पत्नी की दी हुई भेंट मेरे पास हैं, इसी के साथ पूरी जिन्दगी अच्छे से कट जाएगी।
पुत्र जब वयस्क हुआ तो पूरा कारोबार पुत्र के हवाले कर दिया। स्वयं कभी अपने तो कभी दोस्तों के ऑफिस में बैठकर समय व्यतीत करने लगे।
पुत्र की शादी के बाद वह ओर अधिक निश्चित हो गये। पूरा घर बहू को सुपुर्द कर दिया।
पुत्र की शादी के लगभग एक वर्ष बाद दोहपर में खाना खा रहे थे, पुत्र भी लंच करने ऑफिस से आ गया था और हाथ–मुँह धोकर खाना खाने की तैयारी कर रहा था।
उसने सुना कि पिता जी ने बहू से खाने के साथ दही माँगा और बहू ने जवाब दिया कि आज घर में दही उपलब्ध नहीं है। खाना खाकर पिताजी ऑफिस चले गये।
थोडी देर बाद पुत्र अपनी पत्नी के साथ खाना खाने बैठा। खाने में प्याला भरा हुआ दही भी था। पुत्र ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और खाना खाकर स्वयं भी ऑफिस चला गया।
कुछ दिन बाद पुत्र ने अपने पिताजी से कहा- ‘‘पापा आज आपको कोर्ट चलना है, आज आपका विवाह होने जा रहा है।’’
पिता ने आश्चर्य से पुत्र की तरफ देखा और कहा-‘‘बेटा मुझे पत्नी की आवश्यकता नही है और मैं तुझे इतना स्नेह देता हूँ कि शायद तुझे भी माँ की जरूरत नहीं है, फिर दूसरा विवाह क्यों?’’
पुत्र ने कहा ‘‘ पिता जी, न तो मै अपने लिए माँ ला रहा हूँ न आपके लिए पत्नी,
*मैं तो केवल आपके लिये दही का इन्तजाम कर रहा हूँ।*
कल से मै किराए के मकान मे आपकी बहू के साथ रहूँगा तथा आपके ऑफिस मे एक कर्मचारी की तरह वेतन लूँगा ताकि *आपकी बहू को दही की कीमत का पता चले।’’*
*👌अद्भुत👌*
*-माँ-बाप हमारे लिये*
*ATM कार्ड बन सकते है,*
*तो ,हम उनके लिए*
*Aadhar Card तो बन ही सकते है.
💕💕💕

सुहानी शाह एक मैजिशियन है, जो आपके दिमाग को भी पढ़ सकती है जो बोलती है मन में प्रश्न सोच लो फिर उत्तर देती हैपरमपूज्य धी...
24/01/2023

सुहानी शाह एक मैजिशियन है, जो आपके दिमाग को भी पढ़ सकती है जो बोलती है मन में प्रश्न सोच लो फिर उत्तर देती है
परमपूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहले जवाब लिखते है फिर याचिकर्ता को बुलाते हैं और उसके सवाल पहले से ही इस चिट्ठी में होते है
कहां से हुआ इन दो पहलुओं का मेल
नास्तिको को पोस्ट पर आकर जवाब देना चाहिए
जितने भी नास्तिक और सनातन विरोधी है वो पोस्ट पर आकर विचार जरूर रखे उनके सवाल का जवाब जरूर दिया जाएगा

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13/01/2023

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13/01/2023

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आज लिखना मेरी मजबूरी है,और पढ़ना आपको जरूर  चाहिए 🙏 *नानक से पहले कोई सिक्ख नहीं था!*जीसस से पहले कोई ईसाई नहीं था!  *मु...
13/01/2023

आज लिखना मेरी मजबूरी है,और पढ़ना आपको जरूर चाहिए 🙏

*नानक से पहले कोई सिक्ख नहीं था!*

जीसस से पहले कोई ईसाई नहीं था!

*मुहम्मद से पहले कोई मुसलमान नहीं था!*

ऋषभदेव से पहले कोई जैनी नहीं था!

*बुद्घ से पहले कोई बौद्ध नहीं था!*

कार्ल मार्क्स से पहले कोई वामपंथी नहीं था!
महाभारत और रामायण में कोई धर्म नहीं था, केवल सही और ग़लत था

लेकिन :
*कृष्ण* से पहले *राम...*
*राम* से पहले *जमदग्नि...*
*जमदग्नि* से पहले *अत्री...*
*अत्री* से पहले *अगस्त्य ...*
*अगस्त्य से पहले पतंजलि...*
*पतंजलि* से पहले *कणाद...*.
*कणाद* से पहले *याज्ञवल्क्य...*.
*याज्ञवलक्य* से पहले...
सभी *"सनातन वैदिक"* धर्मी थे..!

*"राजनीतिक शतरंज" की इन -"12 चालों" को, ध्यान से -"देखें और समझें" ....?*

*01*.
*"मुगल", "भारतीय" बन गए...? और, "भारतीय., "काफ़िर".. ..?*

*02*.
“ग़यासुद्दीनखान”:-
मोतीलाल, जवाहरलाल "नेहरू”
-इंदिरा,राजीव,-माइनो, ये सब *"गांधी"* बन गए..?
और.., *"भारतीय", "मूर्ख"....?*

*03*.
"मोमिन", "कश्मीरी" बन गए... ?
और, "कश्मीरी पंडित", "शरणार्थी"....?

*04*.
"बांग्लादेशी"- "बंगाली" बन गये....?
और, "बंगाली", "बाहरी हिन्दू" .....?

*05*.
*"सैनिको" के "हत्यारे" और
"पत्थर बरसाने वाले"....*
"आंदोलनकारी" बन गए.....? और,"सेना",
"मानवाधिकार उल्लंघनकारी"....?*

*06*.
*"टुकड़े- टुकड़े गैंग", "देशभक्त" बन गया...?*
और, "देशभक्त",
"ब्रांडेड कट्टर अतिवादी ......?*

*07*.
"चिता की लकड़ी",
"पर्यावरणीय चिंता" बन गई.....
और, "दफनाने" में "बर्बाद होने वाली भूमि",
"जन्मसिद्ध अधिकार" हो गई.....?

*08*.
"राखी" में इस्तेमाल किया गये
-"ऊन" से, "भेड़" को "चोट" पहुंची..? और
* "बकरीद" में -"हजारों बकरियों" का "कत्ल",
"धार्मिक स्वतंत्रता" बन गया....?*

*09*.
"तुष्टिकरण", "धर्मनिरपेक्ष" हो गया.....?
जबकि, "समानता", "कम्यूनल" हो गई....?

*10*.
"आरएसएस", "आतंकवादी" बन गया...?
और, "ओसामा जी"..., "हाफिज साहेब"..., और -"हुर्रियत",
"शांति के शिखर"......

*11*.
*“भारत माता की जय”*,
"सांप्रदायिक" हो गया....?और,
“भारत तेरे टुकडे होंगे”,
*"फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन हो गया"....?*

*12*.“फूट डालो राज करो” ,"नियम" बन गया.... ?और..,
*“सबका साथ सबका विकास” "जुमला"..*?

ज़रा "सोचो"...? और "समझो"... कि

*"आखिर" एक - "हिन्दू बहुल देश" में ....,*
"ये सब" हुआ कैसे...???

सिर्फ पढ़ोगे ?
या फारवर्ड भी करोगे ?
नहीं ना???

मुझे पता था

*"हिन्दू" जो "ठहरे"...?*!!!

ऐसे ही सोए रहे .....? तो -
पता भी नही चलेगा..?,
"कब"...
"आतंकी देश" के "नागरिक" बन गए...?

*" हिंदू" होने के नाते, मेरी -"आप" से "विनती" है, कि कम से कम "10 लोग", अथवा -"ग्रुप" में अवश्य भेजिए।*

यह किसी के अथक प्रयास से सारी जानकारी को इकट्ठा किया गया है।

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