22/11/2020
मौसम विज्ञान का अनुमान है कि कल यानि सोमवार को उत्तराखंड में बारिश बर्फवारी हो सकती है। एक्यूवेदर समेत अन्य मौसम अनुमान आधारित एप भी इस बात की तस्दीक कर रही है। सोमवार 23 नवंबर को कई इलाकों में भारी बारिश और बर्फवारी की संभावनाएं है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा सफेदी ओढ़कर अपनी खूबसूरती में चार चांद लगा देगा।
इन दिनों पहाड़ में घूमना किफायती होने के साथ साथ कुदरत के अनूठे रूप को देखने का भी मौका देता है। ट्रैकिंग करने वालों के लिए जहां बर्फ से ढके जंगल के बीच ट्रैक को ढूंढते हुए कई फीट बर्फ को पार करना रौमांच से भर देता है तो वहीं ट्रैकिंग न करने वालों के लिए भी दिन भर गुनगुनी धूप में बैठकर कुछ न करना भी एक अलग अनुभव देता है।
कुल जमा, यदि आप इन दिनों कोई विकेंड घूमने के लिए प्लान कर रहे हैं तो चले आईए किसी भी पहाड़ी इलाके में। सर्दियों में एक कहावत है कि सर्दियां सब कुछ पचा लेती है, इसके मायने यह है कि आईए, कुछ भी खाइए, बासी, गरिष्ठ, तेलीय सब कुछ पच जाता है इन दिनों। तो आप सिर्फ घूमने और खाने के लिए भी पहाड़ का रूख कर सकते हैं।
अब वापिस लौटते हैं काम की बात पर, जहां से मैं यह पोस्ट कर रहा हूं उस गांव का नाम है रैथल, समुद्रतल से 7000 फीट की उंचाई पर स्थित रैथल गांव उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय से 40 किमी की दूरी पर स्थित है । सुबह की आठ बजने को है और पारा 1 डिग्री के करीब है, धूप खिल चुकी है। रैथल गांव में भी खूब बर्फ गिरती है, यहां से ट्रैकिंग के शौकीनों के पसंदीदा ट्रैक दयारा बुग्याल का ट्रैक भी शुरू होता है। दयारा बुग्याल ट्रैक बर्फ से ढका पड़ा है और रैथल में भी सोमवार को बर्फवारी की आशंका है। तो इस लिहाज से रैथल उपरोक्त सभी जरूरतों के हिसाब से एक आदर्श स्थान है। यहां आप होमस्टे में ठहकर जायकेदार पहाड़ी खाने का जायका ले सकते हैं, ट्रैकिंग के शौकीन स्नो ट्रैकिंग कर दयारा बुग्याल तक पहुंच सकते हैं, जो यहां से 7 किमी की दूरी पर स्थित है। ट्रैकिंग न करने वालों के लिए रैथल में घूमने और करने के लिए बहुत कुछ है, रैथल से एक किमी की दूरी पर स्थित ‘नहरी नाले’ में कुदरत के कई रंग देखने को मिल सकते हैं, गांव में भव्य मंदिर, पहाड़ की समृद्ध कला को दर्शाते भवनों को देख सकते हैं, कुछ नही ंतो धूप में बैठकर अपनी कोई पसंदीदा किताब पढ़ सकते हैं, देर शाम तक माइनस में पहुंच चुके तापमान को मात देते हुए बोन फायर कर रम के पैग के साथ अपनी पसंद के गाने गुनगना सकते हैं या फिर पहाड़ के ढेर सारे किस्से कहानियों से रूबरू हो सकते हैं।
रैथल कैसे पहुंचे - रैथल की दूरी देहरादून से 180 किमी है। रैथल पहुंचने के लिए देहरादून रेलवे स्टेशन से सुबह 5 बजे उत्तरकाशी के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बस उपलब्ध होती है, अन्यथा रायपुर रोड से निजी बसें भी उत्तरकाशी पहुंचाती है। शेयरिंग टैक्सी का विकल्प भी उत्तरकाशी के लिए उपलब्ध है। रिस्पना पुल और घंटा घर के समीप से उत्तरकाशी के लिए शेयरिंग कैब उपलब्ध होती है। इसके अलावा उत्तरकाशी से रैथल के लिए शाम 4 बजे तक शेयरिंग कैब उपलब्ध होती है। यह सारा सफर कुल जमा 5 से 6 घंटे का हो सकता है। निजी वाहन है तो देहरादून से सुवाखोली भवान चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी होते हुए रैथल पहुंचिए। हरिद्वार से आने वाले यात्रियों के लिए ऋषिकेश, चंबा, उत्तरकाशी मार्ग है।
कहां रूके - रैथल में दस से अधिक होमस्टे, उत्तराखंड पर्यटन विभाग का गेस्ट हाउस, निजी होटल हैं जहां रात को ठहरा जा सकता है। हां, होमस्टे में ठहरना ज्यादा बेहतर होगा। वैसे भी साधना होम स्टे रैथल भी आपके इस्तक़बाल के लिए तैयार है।
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Raithal