24/03/2026
प्रधानसेवक मोदीः सेवा का सफर !
गुजरात की उस पावन मिट्टी की सौंधी खुशबू, वडनगर की वे तंग लेकिन सपनों से भरी गलियां, और एक बालक के मन में धधकता राष्ट्र-प्रेम का दीप।
यह केवल एक सफर की दास्तां नहीं है, बल्कि एक तपस्वी के रूपांतरण की गाथा है।
हाथ में चाय की केतली थामे उस बालक को कहां पता था कि नियति उसके हाथों में एक दिन पूरे राष्ट्र की बागडोर सौंपेगी।
हिमालय की कड़कड़ाती ठंड में एकांत की खोज से लेकर, जन-जन के मन में आत्मविश्वास जगाने तक यह एक ऐसे कर्मयोगी का दर्शन है, जिसने विश्राम को कभी अपना लक्ष्य नहीं माना।
मोदी जी की इस यात्रा में, हर कदम पर केवल भारत माता की सेवा का संकल्प झलकता है।