01/06/2026
गौशालाओं में पशुओं की सुबह-शाम गणना होगी, लापरवाही पर पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश .
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जिले में संचालित पंजीकृत गौशालाओं के प्रभावी संचालन एवं पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग एवं राजस्व अधिकारियों को गौशालाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जिले की सभी पंजीकृत गौशालाओं में रखे गए पशुओं की प्रतिदिन सुबह एवं शाम गणना कराई जाए, ताकि पशुओं की वास्तविक संख्या का सही रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और किसी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गौशाला की मैपिंग भी कराई जाए तथा वहां उपलब्ध सुविधाओं और पशुओं की स्थिति का नियमित सत्यापन किया जाए।
बैठक में कलेक्टर ने पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के उप संचालक डॉ. एन.के. शुक्ला को निर्देशित किया कि जिन गौशालाओं के संचालन में लापरवाही, अनियमितता अथवा निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाए, उनके पंजीयन निरस्तीकरण का प्रस्ताव नियमानुसार तैयार कर संबंधित स्तर पर प्रेषित किया जाए।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को भी निर्देश दिए कि गौशालाओं में पशुओं की गणना और अभिलेखों का सत्यापन शिक्षित एवं जिम्मेदार अधिकारियों के माध्यम से कराया जाए, ताकि आंकड़ों की प्रामाणिकता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि गौवंश संरक्षण राज्य शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में गौशालाओं के संचालन, पशुओं के रख-रखाव एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।