25/08/2026
ब्राह्मण जनसंख्या नहीं, ब्राह्मण साम्राज्य है
उत्तर प्रदेश ➤ जनसंख्या लगभग 25 करोड़, ब्राह्मण लगभग 4.5 करोड़ (15-18%)
दिल्ली ➤ जनसंख्या 2 करोड़, ब्राह्मण 14-15% (लगभग 30 लाख)
हिमाचल प्रदेश ➤ जनसंख्या 75 लाख, ब्राह्मण लगभग 23 लाख (30%)
उत्तराखंड ➤ जनसंख्या 1.15 करोड़, ब्राह्मण लगभग 28 लाख (25%)
हरियाणा ➤ जनसंख्या 2.9 करोड़, ब्राह्मण लगभग 35 लाख (12%)
छत्तीसगढ़ ➤ जनसंख्या 3 करोड़, ब्राह्मण लगभग 30 लाख (10%)
गोवा ➤ जनसंख्या 16 लाख, ब्राह्मण लगभग 1.5 लाख (10%)
झारखंड ➤ जनसंख्या 3.9 करोड़, ब्राह्मण लगभग 19.5 लाख (5%)
राजस्थान ➤ जनसंख्या 8.1 करोड़, ब्राह्मण लगभग 72.9 लाख (9%)
ओडिशा ➤ जनसंख्या 4.6 करोड़, ब्राह्मण लगभग 36 लाख (8%)
त्रिपुरा ➤ जनसंख्या 41 लाख, ब्राह्मण लगभग 3 लाख (7%)
सिक्किम ➤ जनसंख्या 6.9 लाख, ब्राह्मण 40-50 हजार (6-7%)
गुजरात ➤ जनसंख्या 7 करोड़, ब्राह्मण लगभग 49 लाख (7%)
मध्य प्रदेश ➤ जनसंख्या 9 करोड़, ब्राह्मण 90 लाख से 1 करोड़ (लगभग 10%)
पंजाब ➤ जनसंख्या 3 करोड़, ब्राह्मण लगभग 18 लाख (6%)
जम्मू-कश्मीर ➤ जनसंख्या 1.3 करोड़, ब्राह्मण लगभग 13 लाख (10%)
बिहार ➤ जनसंख्या 13 करोड़, ब्राह्मण 60-65 लाख (लगभग 5%) (नोट: सरकार ने डाटा में कमियाँ स्वीकार की हैं)
पश्चिम बंगाल ➤ जनसंख्या 10 करोड़, ब्राह्मण 1-1.2 करोड़ (10-12%)
महाराष्ट्र ➤ जनसंख्या 12.7 करोड़, ब्राह्मण लगभग 50 लाख (4%)
असम ➤ जनसंख्या 3.5 करोड़, ब्राह्मण लगभग 15 लाख (5%)
तमिलनाडु ➤ जनसंख्या 7.7 करोड़, ब्राह्मण लगभग 20 लाख (3%)
कर्नाटक ➤ जनसंख्या 6.8 करोड़, ब्राह्मण लगभग 27 लाख (4%)
आंध्र प्रदेश ➤ जनसंख्या 5.4 करोड़, ब्राह्मण लगभग 21 लाख (4%)
तेलंगाना ➤ जनसंख्या 3.8 करोड़, ब्राह्मण लगभग 10 लाख (3%)
मणिपुर ➤ जनसंख्या 32 लाख, ब्राह्मण लगभग 60 हजार (2%)
केरल ➤ जनसंख्या 3.5 करोड़, ब्राह्मण लगभग 7 लाख (3%)
मेघालय ➤ जनसंख्या 34 लाख, ब्राह्मण लगभग 30 हजार (1%)
नागालैंड ➤ जनसंख्या 22 लाख, ब्राह्मण लगभग 10 हजार (0.5%)
मिजोरम ➤ जनसंख्या 12 लाख, ब्राह्मण लगभग 5 हजार
(नोट: अभी ब्राह्मण उपजातियों के आँकड़े शामिल नहीं हैं)
यह केवल आँकड़ों का फेर है, वास्तविकता इससे कहीं अधिक प्रखर है। यदि समस्त ब्राह्मण उपजातियों की गणना निष्पक्षता से कर ली जाए, तो यह भ्रांति स्वतः खंडित हो जाएगी कि भारत में ब्राह्मण मात्र 10% हैं। वस्तुतः यदि जनगणना के जाल को हटाकर सही मायने में गिनती हो, तो इस राष्ट्र में सनातन संस्कृति के संवाहक ब्राह्मणों की उपस्थिति सबसे वृहद और सर्वव्यापक सिद्ध होगी। भारत का ऐसा कोई कोना नहीं जहाँ ब्राह्मण की चेतना और उपस्थिति विद्यमान न हो; देश के कोने-कोने में स्थित सनातन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों पर आज भी 70 से 80 प्रतिशत एकाधिकार इसी यशस्वी जाति का है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली जैसे विशाल राज्यों में ब्राह्मणों का वैचारिक, सांस्कृतिक और सामाजिक वर्चस्व अकाट्य है और इनकी वास्तविक आबादी इन सरकारी आँकड़ों से कहीं अधिक है। यह सोची-समझी राजनीतिक कुंठा और कुचक्र का ही परिणाम है कि इनके प्रभाव को क्षीण करने के लिए इनकी जनसांख्यिकी को हमेशा षड्यंत्रपूर्वक कम करके दिखाया जाता है, जबकि सत्य यह है कि सूर्य के प्रकाश को कभी बादوओं की ओट से छिपाया नहीं जा सकता!
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