25/12/2025
“इमामत (रसूल की जानशीनी)” शिया मत के इमामत के सिद्धांत का एक समग्र किंतु प्रभावपूर्ण विवरण है, जो इसे कुरआन-ए-मजीद और स्थापित पैग़म्बरी सुन्नत में जड़ी हुई एक ईश्वरीय संस्था के रूप में प्रस्तुत करता है। सम्मानित लेखक सैयद सईद अख़्तर रिज़वी ने नबी-ए-अकरम हज़रत मुहम्मद अल-मुस्तफा (स.अ.व.) के बाद ईश्वरीय नेतृत्व पद की अवधारणा को व्यवस्थित रूप से समझाया है और स्पष्ट किया है कि इमामत जनसाधारण के चुनाव का नहीं, बल्कि स्पष्ट ईश्वरीय आदेश (नस्स-ए-सरीह) का विषय है।
शीर्षक : इमामत (रसूल की जानशीनी)
लेखक : सैयद सईद अख़्तर रिज़वी
टिप्पण लेखन : सैयद मुहम्मद रिज़वी
प्रकाशक : अल-मआरिफ़ फ़ौंडेशन
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