27/10/2026
कल पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी जी के दिवंगत पिता जी के बारे में की गई टिप्पणी ने मुझे स्तब्ध और बहुत आहत किया है।
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये टिप्पणियां किसी साधारण कांग्रेस कार्यकर्ता या युवा नेता ने नहीं, बल्कि उस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की हैं, जो खुद को देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करती है। अपने इस आचरण से कांग्रेस अध्यक्ष ने करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को आहत किया है।
लेकिन कांग्रेस के लोग यहीं नहीं रुके। अब वे खड़गे जी के शब्दों को सही ठहराने की कोशिश करके लोगों की भावनाओं को और अधिक आहत कर रहे हैं। अपनी गलती स्वीकार कर खेद प्रकट करने के बजाय, कांग्रेस इस बयान का बचाव करने और इसे सही साबित करने में लगी हुई है। खड़गे जी जिस पद पर आसीन हैं, उनसे सार्वजनिक जीवन में अधिक गंभीरता, संयम, मर्यादा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है।
ऐसे में, यदि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के विपरीत है, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।
राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन इस तरह का आचरण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं हो सकता है। कल तक कांग्रेस के कुछ नेता प्रधानमंत्री जी की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाते थे। यहां तक कि उनकी पूजनीय माता जी के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे। आज वही स्तरहीन राजनीति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है।
वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदलना, राजनीतिक असभ्यता को अभद्र भाषा तक ले जाना और प्रधानमंत्री जी के परिवार को निशाना बनाना कांग्रेस की निराशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है।
यह सिर्फ एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा पर भी प्रहार है। लोकतंत्र में विरोध कीजिए, नीतियों पर सवाल उठाइए, सरकार की आलोचना कीजिए, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन कम से कम मत कीजिए। आज कांग्रेस का सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि मैं मानता हूं कि एक प्रकार से वैचारिक पतन भी हो चुका है। कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता हर बात का हिसाब रखती है और समय आने पर बखूबी उसका जवाब भी देती है।
मैं कांग्रेस को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी जी को ऐसी टिप्पणियों से न विचलित किया जा सकता है, न जनसेवा के उनके संकल्प को किसी भी सूरत में कमजोर किया जा सकता है।
- श्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री, भारत सरकार
Bharatiya Janata Party (BJP)