22/10/2026
*परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के खिलाफ NSUI उमरिया ने भरी हुंकार उच्च शिक्षा विभाग के नाम से अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा ज्ञापन*
*90% ATKT की शिकायतों की जाँच मूल्यांकन प्रभारी को हटाने और पूरक परीक्षा शुल्क घटाने की उठाई माँग*
*छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो, रिजल्ट में सुधार तुरंत करो - मो. असलम शेर*
उमरिया- पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल के अंतर्गत आने वाले उमरिया जिले के महाविद्यालयों के परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI), जिला उमरिया ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयुक्त महोदय, उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के नाम से अनुविभागीय अधिकारी, बांधवगढ़ को ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण की माँग की। NSUI ने विश्वविद्यालय की मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा परिणामों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को ATKT दिए जाने से छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।ज्ञापन के माध्यम से NSUI ने माँग की कि परीक्षा परिणामों की निष्पक्ष जाँच कर त्रुटियों में सुधार किया जाए, वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को उनके प्रभार से हटाया जाए, पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1,600 से घटाकर ₹700 किया जाए तथा विद्यार्थियों को अपनी उत्तरपुस्तिका बिना शुल्क देखने की सुविधा प्रदान की जाए।
*जिलाध्यक्ष मो. असलम शेर ने उठाई विद्यार्थियों की आवाज*
इस अवसर पर NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी व्यवस्था की लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। जब परीक्षा परिणामों को लेकर छात्र-छात्राओं के मन में सवाल खड़े हो रहे हैं, तब विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जाँच कराए और विद्यार्थियों को संतोषजनक जवाब दे। 90 प्रतिशत ATKT की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विद्यार्थी मेहनत करके परीक्षा देते हैं, ऐसे में मूल्यांकन व्यवस्था पारदर्शी होना और परिणामों में त्रुटि होने पर सुधार किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने आगे कहा कि पूरक परीक्षा शुल्क ₹1,600 होना विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है। आर्थिक कठिनाइयों एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण कोई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई से पीछे न छूटे, इसके लिए शुल्क को ₹700 किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी उत्तरपुस्तिका देखने का अधिकार भी सहजता से मिलना चाहिए, ताकि मूल्यांकन की पारदर्शिता बनी रहे। यदि सात दिनों के अंदर माँगो को पूरा नहीं किया जाता है भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI जिला उमरिया के द्वारा जबरजस्त आंदोलन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय एवं प्रशासन की होगी।
*माँगें पूरी नहीं हुईं तो जारी रहेगा छात्रहित का संघर्ष*
NSUI ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकार, निष्पक्ष मूल्यांकन और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए है। संगठन ने उच्च शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय प्रशासन से माँगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की। NSUI ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और छात्रहित के मुद्दों पर संगठन अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। इस अवसर पर कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष इंजी. विजय कोल, जिला कांग्रेस पूर्व ब्लाक अध्यक्ष शिशुपाल यादव, रवि सेन, भोला पटेल, NSUI जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कांत तिवारी, कॉलेज अध्यक्ष अनुज वर्मा, कॉलेज अध्यक्ष गर्ल्स आस्था पांडेय, महासचिव मीनाक्षी ताम्रकार, सचिव अर्चना नामदेव, सचिव सुमित साहू, सचिव आरुष तिवारी, आकाश महार, संदीप, पुष्पा यादव, अर्पिता बैगा, सोनम यादव सुमन यादव, शीतल रैदास, सुनीता प्रजापति, अजय, राहुल साहू, रोहित, अक्षत, शालिनी वर्मा, श्रेया, अर्चना बैगा, राधिका बैगा, परी, सोमवती, रूपा यादव, सीमा बैगा, सोनम यादव, अनुराधा, अनामिका, दीपिका यादव, हेमलता कोल, निर्मला, राधा, श्रद्धा सिंह, रूपा सिंह आदि भारी संख्या में NSUI पदाधिकारी एवं छात्र छात्रा मौजूद रहे।